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पाली में धूमधाम से मनाया गया महाराजा श्री अजमीढ़ जी का जयंती महोत्सव

 


अग्रसेन भवन में प्रतिभावान विद्यार्थियों का सम्मान, 51 छात्र-छात्राओं को मिले सिल्वर मेडल; अन्वेक्षा सहदेव और नकुल जांगलवा को गोल्ड मेडल, नन्हे बच्चों को बांटी एज्युकेशन किट


पाली, 25 अक्टूबर 2026। श्री मेढ़ क्षत्रिय स्वर्णकार समाज, पाली की ओर से रविवार को समाज के आदिपुरुष महाराजा श्री अजमीढ़ जी महाराज का जयंती महोत्सव श्रद्धा, उत्साह एवं उल्लास के साथ मनाया गया। अग्रसेन भवन में आयोजित समारोह में समाज की प्रतिभाओं का सम्मान कर शिक्षा, संस्कार, सेवा और सामाजिक एकता को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में मेधावी छात्र-छात्राओं को गोल्ड एवं सिल्वर मेडल प्रदान किए गए। वहीं, बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एज्युकेशन किट वितरित की गईं। समारोह में समाज के पदाधिकारियों, भामाशाहों, कार्यकर्ताओं, महिलाओं एवं बच्चों की उत्साहपूर्ण सहभागिता रही।


पूर्व विधायक ज्ञानचंद पारख एवं महापौर विकास बुबकिया रहे मुख्य अतिथि




अग्रसेन भवन में आयोजित अजमीढ़ जयंती महोत्सव के सभापति अशोक अग्रोया रहे। कार्यक्रम में पाली के पूर्व विधायक ज्ञानचंद पारख एवं पाली महापौर विकास बुबकिया मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। समारोह में समाज के पाली जिला अध्यक्ष जवरीलाल कुकड़ा, महामंत्री प्रकाशचंद धूपड़, प्रदेश शिक्षा प्रभारी प्रवीण मेढ़ एवं पाली जिला प्रभारी रामकिशोर रोड़ा सहित समाज के गणमान्य नागरिकों ने सहभागिता निभाई।


कार्यक्रम का मंच संचालन गुणप्रकाश कड़ेल एवं समाज प्रवक्ता अशोक अग्रोया ने किया। समारोह में महाराजा श्री अजमीढ़ जी के आदर्शों को स्मरण करते हुए समाज में एकता, शिक्षा, संस्कार और सेवा की भावना को मजबूत करने का आह्वान किया गया।


अन्वेक्षा सहदेव एवं नकुल जांगलवा को गोल्ड मेडल, 51 विद्यार्थियों को सिल्वर मेडल


अजमीढ़ जयंती महोत्सव के दौरान समाज के मेधावी छात्र-छात्राओं को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया। विकास समिति अध्यक्ष देवीलाल अडाणिया ने विद्यार्थियों को गोल्ड एवं सिल्वर मेडल प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया।


अन्वेक्षा सहदेव एवं नकुल जांगलवा को गोल्ड मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया। वहीं, मोक्षिका रोड़ा, हंशिका अग्रोया एवं रिषभ अडाणिया सहित कुल 51 प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को सिल्वर मेडल प्रदान किए गए।


समारोह में विद्यार्थियों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य में भी मेहनत, लगन और समर्पण के साथ शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने तथा समाज का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया गया।


नन्हे बच्चों को वितरित की गईं एज्युकेशन किट


महोत्सव के दौरान बच्चों में शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ाने और उन्हें प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एज्युकेशन किट वितरण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।


लिटिल स्क्रैचर प्री स्कूल की ओर से प्री स्कूल के सभी छोटे बच्चों को एज्युकेशन किट भेंट की गई। वहीं, पहली से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को जगदीश किशोर खजवानियां की ओर से एज्युकेशन किट प्रदान की गई।


इस पहल के माध्यम से बच्चों को पढ़ाई के लिए आवश्यक शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराने के साथ उनके उज्ज्वल भविष्य की दिशा में सकारात्मक प्रयास किया गया। समाज में शिक्षा के प्रसार और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए इस तरह के आयोजनों को महत्वपूर्ण बताया गया।


भामाशाहों का सम्मान कर समाजसेवा में योगदान को सराहा


अजमीढ़ जयंती महोत्सव में समाज के विकास, सामाजिक गतिविधियों और जनकल्याण के कार्यों में सहयोग देने वाले भामाशाहों के योगदान को भी सराहा गया।


इस अवसर पर मीठालाल अडाणिया, नरेश अडाणिया, महेश भामा, अमरचंद सहदेव, गिरधारी अडाणिया, ओमप्रकाश धूपड़, कमलेश कड़ेल, देवीलाल अडाणिया, श्रवण कुमार डावर, धनराज कड़ेल एवं रामकिशोर रोड़ा सहित भामाशाहों का सम्मान किया गया।


समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि भामाशाहों का सहयोग सामाजिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने, प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।


समाजबंधुओं, महिलाओं एवं बच्चों की रही सहभागिता


अजमीढ़ जयंती महोत्सव में रामनिवास रोड़ा, गणपतलाल अग्रोया, महेश भामा, जगदीश खजवानिया, भावेश अडाणिया, पवन अग्रोया, नीरज सहदेव, ढगलचंद कड़ेल, किशोर खजवानियां, मुकेश जांगलवा, श्रीकांत खजवानीया एवं मनीष माहेच सहित बड़ी संख्या में समाजबंधु, महिलाएं एवं बच्चे उपस्थित रहे।


समारोह में समाज के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने आयोजन की व्यवस्थाओं में सहयोग दिया। कार्यक्रम के दौरान समाज की एकता, आपसी सहयोग एवं सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।


देवीलाल अडाणिया ने जताया आभार, शिक्षा और संस्कारों को आगे बढ़ाने का आह्वान


समिति अध्यक्ष देवीलाल अडाणिया ने अपने समापन उद्बोधन में कहा कि महाराजा श्री अजमीढ़ जी की जयंती जैसे आयोजन समाज में एकता, संस्कार और परंपराओं की भावना को मजबूत करते हैं। ऐसे कार्यक्रमों से नई पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास एवं सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर मिलता है।


उन्होंने कहा कि समाज के युवाओं को शिक्षा, सेवा और संस्कार के क्षेत्र में आगे बढ़कर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना चाहिए। प्रतिभावान विद्यार्थियों का सम्मान एवं बच्चों को शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना समाज के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।


अंत में उन्होंने समारोह में उपस्थित सभी अतिथियों, समाजबंधुओं, भामाशाहों, महिलाओं एवं कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में भी समाज की एकता, सहयोग और विकास के लिए ऐसे आयोजन निरंतर किए जाते रहेंगे।


महाराजा श्री अजमीढ़ जी का जयंती महोत्सव शिक्षा, प्रतिभा सम्मान, सामाजिक सहयोग और सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण का संदेश देकर संपन्न हुआ।

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